Punjab News पुतला जलाओ, रोटी बनाओ: भट्टी

चंडीगढ़. पुतला जलाओ, रोटी बनाओ.. जिस तरह से महंगाई ने आम आदमी का तेल निकाला है, उसको देखते हुए व्यंग्यकार जसपाल भट्टी का यही फार्मूला फिट बैठता है। महंगाई, खासकर तेल और रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि का भट्टी ने रविवार को अनोखे तरीके से विरोध किया। भट्टी और उनकी टीम ने सेक्टर 22 मे किरण सिनेमा के सामने पेट्रोलियम मंत्री का पुतला फूंका और उसकी आग पर रोटी सेंकी। भट्टी ने कहा, ‘सरकार की मजबूरी है वह रसोई गैस पर सब्सिडी नहीं दे सकती, लेकिन पुतलों पर तो सब्सिडी दी जा सकती है।’

भविष्य में पुतला इंडस्ट्री का बोलबाला

भट्टी ने कहा कि सरकार की नीतियों के विरोध में हमारे देश में हर रोज हजारों प्रदर्शन होते हैं। पुतले जलाना तकरीबन हर प्रदर्शन की एक रस्म होती है। जलते हुए पुतलों, बसों और सरकारी संपत्ति से जो ऊर्जा बरबाद होती है, उसका सही इस्तेमाल किया जाए तो देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को संभाला जा सकता है। उन्होंने कहा- ‘रिलायंस और टाटा अब पेट्रोलियम पदार्थ छोड़ पुतला बनाने की इंडस्ट्री की ओर रुख करेंगे।’

गैस चूल्हे फेंक देने चाहिए

भट्टी ने कहा, ‘हमें गैस चूल्हे फेंक देने चाहिए, क्योंकि 350 रुपये का सिलेंडर खरीदना आम आदमी के बस की बात नहीं है। गैस की जगह हर घर में प्रमुख नेताओं के पुतले जलाने चाहिए। मुझे यकीन है कि पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा का पुतला फूंकने से ज्यादा बेहतर सेंक निकलेगा। मोटे-ताजे मंत्रियों के पुतले जलाकर आप नॉन वेज खाना भी अच्छा पका सकते हैं।’

सीरियसली स्पीकिंग

जसपाल भट्टी की पत्नी टीवी आर्टिस्ट सविता से जब महंगाई के मुद्दे पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि बेशक वे व्यंग्य के जरिए महंगाई के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन यह एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि अब तो रिश्तेदारों को बताना पड़ेगा कि बहुत जरूरी होने पर ही वे उनके यहां आयें, तभी किचन का बजट कंट्रोल होगा।
 

Attachments

Top