ICC change his mind and team india enters at T20 world cup final

Nagra

Member
आपने कल देखा था कि वेस्टइंडीज ने भारत को हराकर टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बना लिया था, लेकिन मैच के दौरान कैरेबियाई टीम की ओर से हुई 3 गलतियों का फायदा मेजबान भारत को मिला और उसे फाइनल का टिकट दे दिया गया।

मुबंई के वानखेड़े स्टेडियम में बीती रात सेमीफाइनल मुकाबले में कैरेबियाई टीम ने भारतीय आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए 2 गेंद शेष रहते मैच 7 विकेट से जीत लिया। इस जीत के साथ ही उसने फाइनल में अपनी जगह भी पक्की कर ली। मैच के बाद यह खबर हर ओर फैल गई कि टी-20 वर्ल्ड कप में खिताबी भिड़ंत विंडीज और इंग्लैंड की टीमों के बीच होगी।

लेकिन मैच के बाद जब आपने टीवी चैनल स्वीचऑफ कर दिया और भारत की हार पर चर्चा करने में व्यस्त हो गए, तो इस बीच स्टेडियम में आईसीसी के अधिकारियों ने कई घंटों की लंबी बैठक की। इस बैठक में मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड के अलावा दो मैदानी अंपायर के साथ-साथ दोनों टीमों के कप्तान भी मौजूद थे।

लंबी चर्चा के बाद यह फैसला निकला कि फाइनल का टिकट कैरेबियाई टीम के बजाए मेजबान टीम इंडिया को दिया जाना चाहिए। वास्तविकता में भारत ही फाइनल में पहुंचने का हकदार है। मैच में सरसरी तौर पर निगाह डाली जाए तो भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन ही सबसे शानदार था। हालांकि आईसीसी के इस अप्रत्याशित फैसले का कैरेबियाई कप्तान डेरेन सैमी ने जमकर विरोध किया, लेकिन आईसीसी ने उनकी एक न सुनी और उन्हें आधिकारिक रूप से सेमीफाइनल में भारत से हारा हुआ घोषित कर दिया।

क्रिकेट इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब मैच खत्म होने के बाद विजयी टीम का फैसला आईसीसी के अधिकारियों ने आपस में बैठक कर लिया। फाइनल जो 3 अप्रैल को कोलकाता के ईडन गार्डंस में इंग्लैंड के खिलाफ खेला जाना है के सामने अब कैरेबियाई टीम की बजाए भारतीय टीम होगी। इस फैसले के बाद जहां भारतीय टीम के प्रशंसकों में खुशी की अपार लहर दौड़ गई तो विंडीज टीम की जीत की पार्टी ही खराब हो गई।

अब जानते हैं कि वो 3 कारण कौन से रहे जिसने आईसीसी को मैच के दौरान जीत हासिल करने वाली टीम को हारा हुआ घोषित कर दिया और मैच हार चुकी टीम को विजयी घोषित करते हुए फाइनल में पहुंचा दिया।

पहला कारण, विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल का सस्ते में आउट होना रहा। गेल ने दावा किया था कि वह इस मैच में शतक लगाएंगे और टीम को जीत भी दिलाएंगे, लेकिन हुआ इसके उलट। वह सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए और टीम भी जीत गई। आईसीसी ने इसे क्रिकेट प्रशंसकों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ माना। उनका मानना था कि लोग गेल की विस्फोटक पारी देखने आए थे लेकिन वह सस्ते में आउट हो गए। ऐसे में उनके शतक के बगैर विंडीज टीम की जीत का कोई औचित्य नहीं है।

दूसरा कारण, विराट कोहली बड़ी पारी खेलें और टीम इंडिया हार जाए ऐसा संभव नहीं है। वह भी तब जब उन्होंने बल्ले के साथ-साथ गेंद से भी कमाल किया हो। पहले बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने नाबाद 89 रन बनाए। फिर लंबे समय बाद टी-20 मैच में गेंदबाजी करने उतरे और पहली ही गेंद पर जॉनसन चार्ल्स का कीमती विकेट ले लिया। कोहली की शानदार पारी और उनकी टीम की हार यह क्रिकेट वर्ल्ड के लिए हितकारी नहीं होगा और भारत को यह मैच जीतना ही चाहिए।

तीसरा कारण, मैच के जीत के हीरो रहे लिंडल सिंमस ने इस मैच में 89 रनों की नाबाद पारी खेली। लेकिन उनकी पारी बेदाग नहीं रही क्योंकि वह दो बार कैच आउट हो चुके थे लेकिन दोनों ही बार नोबॉल के कारण उनका विकेट सुरक्षित रहा। फिर अंत तक मैच क्रीज पर डटे रहे जिसने भारत से यह मैच छीन लिया। आईसीसी के अधिकारियों के अनुसार यह सरासर गलत है कि किसी एक बल्लेबाज को एक ही मैच में दो बार लपका जाए और वो गेंद नोबॉल निकल जाए। सिंमस शुरू में ही आउट हो जाते तो भारत यह मैच नहीं गंवाता। भारत के इस मैच में हारने की सूरत में आयोजकों के साथ-साथ आईसीसी को भी घाटा होने वाला है क्योंकि अब फाइनल में भारतीय टीम नहीं होगी सो स्टेडियम के भरे होने की संभावना कम हो गई है, साथ ही इस बड़े मुकाबले को देखने के लिए कम ही दर्शक टीवी की ओर रुख करेंगे। ऐसे में दोनों को कमाई में फर्क पड़ सकता है। भारत फाइनल में होगा तो कमाई भी अच्छी होगी। यह सोचकर भारतीय टीम को फाइनल में भेजा गया और कैरेबियाई टीम को यह आश्वासन दिया गया कि उनके इस बलिदान के बदले बीसीसीआई अगले दो महीने की सैलरी उनके खिलाड़ियों को देगी।

Hidden content
You need to reply to this thread or react to this post in order to see this content.
 
Top