चीन ने इमारतों के मलबे से बना डाला एक्सप्र&amp

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बीजिंग । चीन ने बड़ी-बड़ी इमारतों के मलबे को यूं ही बेकार करने वाले देशों को नई राह दिखाई है। इमारतों के मलबे से 122 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया गया है, जिस पर गाडि़यां 120 किमी की रफ्तार से फर्राटा भर सकेंगी।

चीन के पश्चिमोत्तर प्रांत शांक्सी के परिवहन विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि एक्सप्रेस-वे को नवंबर से आमलोगों के लिए खोल दिया जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे लिंतोंग जिले को हक्सियान काउंटी से जोड़ेगा। चीन में यह अपने तरह का पहला एक्सप्रेस-वे है, जिसमें पारंपरिक सामग्रियों के बजाय इमारतों के अवशेष का प्रयोग किया गया है। परियोजना के निर्माण में 57 लाख टन मलबे का इस्तेमाल किया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि प्रति एक किमी सड़क बनाने में 46,721 टन कचरे का उपयोग हुआ। विशेषज्ञों के मुताबिक इतनी बड़ी मात्रा में इमारतों के मलबे के निस्तारण के लिए दो सौ हेक्टेयर जमीन की जरूरत पड़ती। इससे अर्थव्यवस्था को 47.07 मिलियन डॉलर (311 करोड़ रुपये से ज्यादा) का नुकसान होता।

परंपरागत मकानों के अवशेष की तुलना में आधुनिक और बड़े भवनों के मलबे ज्यादा मजबूत व उपयोगी होते हैं। इससे छड़ के अलावा ईट और अन्य सामग्रियां भी प्राप्त होती हैं।

तिब्बत के पठार पर हवाई अड्डा तैयार

चीन ने किंघाई-तिब्बत के पठार पर नया हवाई अड्डा लगभग तैयार कर लिया है। अक्टूबर में निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा और साल के अंत तक इसे आमलोगों के लिए खोल दिया जाएगा। तिब्बत के पड़ोसी राज्य किंघाई में यह छठा हवाई अड्डा होगा। यह जमीन से 35 सौ मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। 38 सौ मीटर लंबी हवाई पट्टी के अलावा इस हवाई अड्डे का टर्मिनल तीन हजार वर्गमीटर में फैला होगा।
 
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