बीसीसीआई से आउट हो सकते हैं ललित मोदी!

मुंबई। आईपीएल के निलंबित अध्यक्ष ललित मोदी ने भले ही बीसीसीआई द्वारा भेजे गए तीनों कारण बताओ नोटिस के जवाब दे दिए हैं, लेकिन शायद इतना ही काफी नहीं है। अब उन पर बोर्ड से निष्कासित होने की तलवार लटक रही है। मोदी के जवाबों पर चर्चा के लिए तीन जुलाई को बुलाई गई बोर्ड की विशेष बैठक में यह फैसला लिया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार बोर्ड के नियमों के अंतर्गत मोदी को बीसीसीआई से निष्कासित करने के लिए बैठक में मौजूद तीन-चौथाई सदस्यों का समर्थन चाहिए। अगर ऐसा हुआ तो मोदी कम से कम अगले तीन साल तक बोर्ड के किसी भी उपक्रम का हिस्सा नहीं होंगे। उन्हें तीन साल के बाद ही दोबारा इसी प्रक्रिया से गुजरकर बोर्ड में जगह दी जा सकती है।
ललित मोदी की मांग मानते हुए बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर ने खुद को उस तीन सदस्यीय अनुशासनात्मक समिति से अलग कर लिया, जिसे आईपीएल के निलंबित अध्यक्ष के खिलाफ सुनवाई के लिए गठित किया गया था। सूत्रों के अनुसार अब आम सभा की विशेष बैठक में मनोहर की जगह किसी और व्यक्ति का चयन किया जाएगा। समिति के दो अन्य सदस्य अरुण जेटली और चिरायु अमीन हैं। यह दोनों बोर्ड के उपाध्यक्ष हैं। अमीन आईपीएल के अंतरिम अध्यक्ष भी हैं।
आईपीएल के तीसरे सत्र के फाइनल के तुरंत बाद मोदी को इस टी-20 लीग के अध्यक्ष और आयुक्त पद से निलंबित कर दिया गया था। साथ ही उन्हें तीन कारण बताओ नोटिस भेजे गए थे। मोदी पर इस लीग के आयोजन में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं। मोदी ने पहले कारण बताओ नोटिस का 15 हजार पन्नों में जवाब दिया था। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड [ईसीबी] के अध्यक्ष जाइल्स क्लार्क के ई मेल के आधार पर बोर्ड ने मोदी को दूसरा कारण बताओ नोटिस भेजा जिसका उन्होंने 24 पेज का जवाब दिया। इस नोटिस पर उन पर इंग्लैंड में कुछ काउंटी के साथ मिलकर बागी टी-20 लीग शुरू करने का आरोप लगा था। तीसरा और अंतिम नोटिस थिएटर अधिकार और आईपीएल-3 मैचों में पारी के बीच में 150 सेकेंड के व्यावसायिक स्लॉट को लेकर अनियमितताएं बरतने को लेकर भेजा गया था। जिसका जवाब मोदी ने कुछ दिन पहले 50 पेजों में दिया था।
 
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